First love marriage in the world Lord Shiva पहला लव मैरिज जाने हिंदी में

हेलो दोस्तों स्वागत है आप सभी का आज के इस नए पोस्ट में करने वाले है First love marriage in the world Lord Shiva पहला लव मैरिज जाने हिंदी में, दुनिया में भगवान शिव-पार्वती का पहला लव मैरेज विवाह था | First Love Marriage in The World in Hindi

इस संसार में सबसे पहले First Love Marriage in The World की बात की जाए तो सबसे पहले भगवान् शिव और माँ पार्वती का नाम आता है शिव विवाह कोई साधारण विवाह नहीं था. प्रेम, समर्पण और तप की परिणति था शिव विवाह और दुनिया की बड़ी से बड़ी प्रेम कहानी इस कहानी के आगे कुछ नही है |

First love marriage in the world Lord Shiva पहला लव मैरिज

भगवान शिव और माता पार्वती की शादी बड़े ही भव्य तरीके से आयोजित हुई। माता पार्वती की तरफ से कई सारे उच्च कुलों के राजा महाराजा और साही रिश्तेदार इस शादी में शामिल हुए लेकिन भगवान शिव की ओर से कोई रिश्तेदार नहीं था |

क्योंकि वे किसी भी परिवार से ताल्लुक नहीं रखते थे। तो फिर भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह कैसे संपन्न हुआ।

जब भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह होने वाला था तो एक बड़ी सुंदर घटना घटी।

First love marriage in the world

उनकी शादी बहुत ही भव्य पैमाने पर हो रही थी। फ्रेंड्स इससे पहले ऐसी शादी कभी नहीं हुई थे भगवान से जो दुनिया के सबसे तेजस्वी प्राणी थे एक दूसरे प्राणी को अपने जीवन का हिस्सा बनाने वाले थे। उनकी शादी में बड़े से बड़े और छोटे से छोटे लोग शामिल हुए।

सभी देवता तो वहां मौजूद थे ही साथ ही असुर भी वहां पहुंचे। फ्रेंड्स आमतौर पर जहां देवता जाते थे वहां असुर जाने से मना करते थे और जहां असुर जाते थे वहां देवता नहीं जाते थे। उनकी आपस में बिल्कुल नहीं बनती थी मगर यह तो भगवान शिव का विवाह था इसलिए उन्होंने अपने सारे झगड़े भुलाकर एक बार एक साथ आने का मन बनाया।

महाशिवरात्रि: शिव-पार्वती हैं दुनिया की सबसे बड़ी लव स्टोरी

यह कहानी एक जन्म की नहीं है. पार्वती पिछले जन्म में भी शिव की पत्नी थी, तब उनका नाम सती था और वे प्रजापति दक्ष की बेटी थी. परम प्रतापी राजा दक्ष ने जानबूझकर अपने दामाद शिव को अपमानित किया, जिससे आहत को होकर सती हवनकुंड में कूद गईं. सती के वियोग में शिव में विरक्ति का भाव भर दिया और वे तपस्या में लीन हो गए.

उधर शिव को फिर से हासिल करने के लिए सती ने पार्वती बनकर हिमालय के घर जन्म लिया. देवताओं ने शिव उनका ध्यान भंग करने के लिए कामदेव को भेजा तो शिव ने उन्हे भस्म कर दिया.

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लेकिन पार्वती ने शिव को प्राप्त करने के लिए तप जारी रखा. आखिरकार बाबा भोलेनाथ को पिघलना पड़ा और वे नंदी पर सवार होकर नंगे बदन पर भभूत मले बड़े ठाठ से बारात लेकर आए |

हम वर की वंश के बारे में सुनना चाहते हैं मगर वह कुछ बोल क्यों नहीं रहे। क्या मैं अपनी बेटी की (First Love Marriage in The World) शादी ऐसे आदमी से कर दूं जिनका वंश का भी पता नहीं और आप यह खुजाने वाला शोर क्यों कर रहे हैं।

क्या यह कोई जवाब है। तब नारद मुनि ने जवाब दिया वर के माता पिता नहीं हैं। राजा ने पूछा क्या आप यह कहना चाहते हैं कि वह अपने माता पिता के बारे में नहीं जानते।

तब नारद मुनि बोले नहीं इनके माता पिता ही नहीं हैं। इनकी कोई विरासत नहीं है इनका कोई गोत्र नहीं है। इनके पास कुछ नहीं है। इनके पास अपने खुद के अलावा कुछ हैं ही नहीं। पूरी सभा चकरा गई।

पर्वतराज ने कहा हम ऐसे लोगों को जानते नहीं जो अपने पिता या माता के बारे में नहीं जानते। ऐसी दुर्भाग्यशाली स्थिति हो ही नहीं सकती। मगर हर कोई किसी न किसी से जन्मा है। ऐसा कैसे हो सकता है कि किसी का कोई मां या पिता हो ही ना।

शिव पुराण के अनुसार भूत-प्रेत से लेकर पशु-पक्षी और कीड़ों तक देवी-देवताओं सहित शिव जी की बारात में यह इस जुलूस का हिस्सा था। शिव पार्वती (दुनिया में पहला प्रेम विवाह) की इस प्रेम कहानी को महाशिवरात्रि कहा जाता है, प्रेम का दिन, प्रेम के इस मिलन को महाशिवरात्रि कहा जाता है, जिसे हम हर साल महापर्व के रूप में मनाते हैं।

First love marriage in the world से जुड़े कुछ सवाल (FAQ):

दुनिया का सबसे पहला लव मैरिज किसका हुआ था?

First Love Marriage in The World : भगवान शिव-पार्वती का विवाह था,

क्या लव मैरिज करना सही है?

लव मैरिज जहां एक अच्छी शादी साबित होती है वहीं इसके कुछ नेगेटिव इफेक्ट्स भी होते है.

लव मैरिज शादी कैसे होती है?

भारत में आम तौर पर दो तरह की शादी होती है पहली होती है अरेंज मैरिज और दूसरी होती है लव मैरिज, अरेंज मैरिज में जो शादी होती है वह परिवार की मर्जी के मुताबिक होती है,

जिसमें लड़की या लड़का परिवार ही चुनता है, और आपको उसी के साथ अपना पूरा जीवन बिताना होता है, लेकिन लव मैरिज में आप अपना जीवन साथी अपनी पसंद के अनुसार चुनते है|

कोर्ट मैरिज में क्या क्या लगता है?

इसमें वर वधू को विवाह अधिकारी के समक्ष अपने विवाहवकी योजना की सूचना देनी पड़ती है। 30 दिनों के भीतर कोई भी शादी के लिए आपत्ति दर्ज करा सकता है। साथ ही आपत्ति सही पाए जाने पर अगले 30 दिनों के भीतर विवाह पंजीकरण रद्द भी हो सकता है।

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Conclusion / निष्कर्ष:-

आशा करता हु दोस्तों आपको ये पोस्ट जरूर पसंद आया होगा। और इस पोस्ट मे मेने First love marriage in the world Lord Shiva पहला लव मैरिज जाने हिंदी में इसके बारे मे पूरी जानकारी दी हुई है।

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