TV TRP क्या है? TRP Full Form | आइये जानते हैं

TV TRP क्या है? What is TRP | TRP रेटिंग कैसे तय होती है?

TV TRP क्या है? Television Rating Point क्या है? हम सभी ने अक्सर टीआरपी का नाम सुना ही होगा। हम खुद भी बोलते नजर आते होंगे कि इस शो की टीआरपी बहुत High है या इस वाले शो की TRP Rate बहुत Down है या यह शो तो, इस हफ्ते बहुत बडा़ हिट रहा है। मगर ये टीआरपी क्या है और यह शो की सफलता के लिये इतनी जरूरी क्यों है? तो आईये हमारी इस पोस्ट में आपको  TRP से जुडी़ सभी जानकारियां के बारे बताते है।

शो या चैनल के Hit साबित होने के पीछे टीआरपी की क्या भूमिका होती है? वैसे बहुत से लोगों ने TRP का नाम तो सुना है मगर उनमें से बहुत कम लोग TRP क्या है जानते होंगे।

TRP क्या है? TRP Full Form

TRP Ka Full Form Television Rating Point होती है। अर्थात् टेलीविजन पर आने वाले चैनल्स की एक अंक गणना जिसकी वजह से उनकी रैंकिंग का निर्धारण होता है। इस Rating Point द्वारा ही Television के किसी भी सीरियल या शो को सफल या असफल किया जाना या फिर दर्शकों को क्या चीज अधिक पसंद आ रही है इन सबका निर्धारण किया जाता है।

मगर सवाल यह भी है कि यह कैसे पता चलता है कि किसकी TRP अधिक है या T.V पर दर्शकों द्वारा क्या अधिक देखा जा रहा है। चैनल्स की रैंटिग का आकलन करने के लिये बडे़ शहरों में एक विशेष डिवाइस या युक्ति खो कुज खास स्थानों पर फिट कर दिया जाता है, इस डिवाइस को People Meter कहा जाता है। ये विशेष किस्म की डिवाइस या Tool है जो सभी घरों में नहीं लगायी जाती है।

TV TRP क्या है

अगर आप Blogger या YouTube Creator है. तो आप सभी Analytic में देखा हो की आपके की Video या Post पर कितने Views आये है, कहा से देखा गया है, कितने बार देखे गया है, ads Impression कितना है, कितने Male और कितने Female ने देखा, Age Group क्या है, Geo-Location क्या है, कौन से Device से देखा गया है?

भारत में RAM और TAM द्वारा शो की सफलता का निर्धारण किया जाता है। जिसमें से RAM (Radio Audience Measurement In India) द्वारा Radio के कार्यक्रमों की Rating Point द्वारा निर्धारित की जाती है। मगर हम यहां बात कर रहे है टेलीविजन की टीआरपी की तो भारत में TAM (Television Audience Measurement In India) ऐजेंसी Television के चैनलों की टीआरपी का अनुमान लगाने का कार्य करती है।

ठीक इसी तरह People’s Meter भी काम करता है और किसी भी Channel और उसके Serials के बारे में पूरी जानकारी निकाल लेता है|

Channel की Popularity & TRP Check करने के लिए यहाँ क्लिक करे: BarcIndia

TAM का कार्य उस डिवाइस अथवा People Meter की Frequency के द्वारा यह पता लगाती है किस चैनल को दर्शकों द्वारा Television पर अधिक देखा गया है और किसको उतना ही कम देखा गया है। कम टीआरपी वाले चैनल्स और उनके शॉज़ असफल होने के कारण काफी नुकसान में चले जाते हैं।

TV TRP क्या है

अब आप  TRP क्या है | समझ गए होंगे, अगर कोए पूछे TRP क्या है और यह कैसे काम करता है तो उसे यह आर्टिकल TRP क्या है दिखा दे अतः सामान्य सी बात है कि केवल टीआरपी पर ही निर्भर करेगा कि किस शो की लोकप्रियता अधिक और किस शो को दर्शकों द्वारा ना पसंद किया जा रहा है।

जिस चैनल को लगातार बिना बदले अधिक देखा जाता है उसकी टीआरपी उतनी ही अधिक आती है अब आप समझ गए होंगे TRP(Television Rating Point) क्या है

TV Channel की TRP Rating कैसे चेक की जाती है?

Indian Television Measurement Agency द्वारा एक विशेष युक्ति (Special Device) को कुछ चयनित स्थानों में लोगों के घरों के पास लगा दिया जाता है। जिससे Television से निकलने वाली Frequency को उस गैजेट से जांच कर यह पता लगाती है कि कौनसा चैनल सबसे अधिक देखा जाता है।

ऐजेंसी इसी प्रकार प्रत्येक चैनल की Frequency का पता और विवरण कर शो की रैंकिंग का पता लगाती है। जिसके बाद चैनल की रैंकिंग लिस्ट को तैयार कर पूरे देश के Top Channels Or Shows का अनुमान लगाती है। ऐजेंसी द्वारा इस्तेमाल किये गये उस विशेष Tool को People Meter कहा जाता है|

How TRP is Calculated in Hindi

TRP को Calculated/मापने वाली यह इकाई अथवा टूल डिवाइस People Meter कहलाती है। जिसकी मदद से विशेष स्थान पर लगी इस डिवाइस द्वारा 20 मीटर की Area में टी.वी. देखने वाले लोगों को Observe किया जाता है| ऐजेंसी द्वारा लगाये गये इस मीटर को प्राप्त होने वाली Frequency को हर मिनट TAM की Monitoring Team के जरिये TAM Agency तक भेजा जाता है। इस प्राप्त जानकारी के आधार पर टी.आर.पी. का निर्धारण किया जाता है।

TRP का यह ब्यौरा साप्ताहिक या मासिक रूप से तैयार किया जाता है अर्थात् Television Rating List भी साप्ताहिक अथवा मासिक हो सकती है। वर्तमान में Indian Television Audience Measurement(INTAM) ही एकमात्र ऐसी ऐजेंसी है जो टीआरपी का आकलन करती है।

आपने टीवी पर अक्सर आने वाले उस विज्ञापन को तो देखा ही होगा जिसमें कुछ अभिनेत्रियों द्वारा आप सभी को यह बताया गया कि आप सभी Setup Box को अपने टेलीविजन के साथ जरूर से जोड़ लेवें अन्यथा आप सभी के टीवी का कनेक्शन काट दिया जायेगा। मगर आपमें से बहुत कम को पता होगा कि वास्तव में उस Setup Box की क्या भूमिका होती है?

सेट अप बॉक्स में लगी एक चिप को मिलने वाली Frequency के विवरण से ही घरों में चल रहे Television की Rating Point निर्धारित होती है। इसीलिये आपसे सेट अप बॉक्स को सभी घरों में निर्धारित समय तक जरूर से लगाने को लेकर बार-बार चेताया जा रहा था।

TRP से TV Channel की कमाई कैसे होती है

क्या टीआरपी केवल चैनल्स की लोकप्रियता को बताने के लिये ही होती है? नहीं ऐसा सोचना गलत है। टीआरपी से टीवी चैनल्स को Income भी होती है। आप सभी ने TV पर Program के बीच में 1-2 मिनट का Ads आते देखा होगा। ये Ads ही चैनल्स की कमाई का जरिया होता है।

विज्ञापन दाता चैनल्स की TRP के आधार पर ही अपनी कंपनी के प्रोडक्ट्स और उससे जुडी़ सेवाओं का प्रमोशन करने के लिये  चैनल्स से Approach करते हैं, जिसके बाद चैनल्स द्वारा उन कंपनियों या ब्रांड्स के विज्ञापनों को दर्शकों को दिखाया जाता है, जिसके बदले में चैनल्स करोडो़ं रूपये लेता है।

अब यह पता लगाना स्वभाविक होता है कि बहुत से चैनलों में से किस चैनल पर अपने उत्पाद का विज्ञापन दिखाने से अधिक प्रमोशन होगा। इसके लिये चैनल्स की TRP ही काम आती है। जिस चैनल की टीआरपी सबसे बेहतरीन होगी कंपनी अपने उत्पाद का प्रमोशन उसी चैनल पर करेगी।

जैसे : Star Plus, Zee Tv, Colors, Sub Tv, Ndtv, India Tv, Mtv इत्यादि…

पिछले दशकों में दिखायी देने जाने वाले विज्ञापनों की समय सीमा 2 मिनट से अधिक हुआ करती थी, भारत में भी विज्ञापनों की समयसीमा बहुत अधिक हुआ करती थी। जिस तरह से दर्शकों द्वारा चैनल्स को हटा दिया जाता था इससे उत्पाद का पूर्ण प्रमोशन रूक जाने से बाजार दर्शन(Market Philosophy) में कमी आ जाती थी।

अमेरीका में टेलीविजन पर शुरूआती दौर में 2 मिनट से अधिक दिखाये जाने विज्ञापन का प्रारूप बदलकर उनकी समयसीमा 1 से 1.5 मिनट कर दी गयी थी। इसका परिणाम यह रहा कि विज्ञापनों से बाजार दर्शन और बिक्री में बढो़तरी हुयी। जिसके बाद बाकि कंपनियों ने भी इस पहल को शुरू किया और विज्ञापनों की समय सीमा 1 मिनट से डेढ़ मिनट निर्धारित कर दी गयी। जिसके अधिक से अधिक लोगों द्वारा विज्ञापन देखे जा सके।Trp In Hindi

TV Channel की TRP से पड़ने वाला प्रभाव

टीवी चैनल की कम ज्यादा होने से सीधे उसकी इनकम पर प्रभाव पड़ता है। इस चीज को हम “द कपिल शर्मा शो” से देख सकते हैं। यदि द कपिल शर्मा शो की TRP Rating एक हफ्ते की 4.5 होती है,तो कभी 4 से कम होती रहती है। जिसका असर चैनल पर भी पड़ता है। कभी-कभी एक शो की टीआरपी अच्छी होने से दर्शकों तक उस चैनल की लोकप्रियता बढ़ जाती है।

इससे यदि उस चैनल की Television Rating Point अच्छी हो जाती है। तो विज्ञापन दाता द्वारा चैनल को अधिक विज्ञापन दिये जायेंगे। जिससे अच्छी रकम का भी भुगतान किया जा सकेगा। मगर यदि चैनल की टीआरपी अच्छी नहीं है तो, या तो कंपनी द्वारा उसे विज्ञापन नहीं दिये जाते है|

या फिर कम बजट के विज्ञापन दाता द्वारा उस चैनल पर प्रमोशन कराया जायेगा, जिससे इनकम इतनी अधिक नहीं होती है। कम वाले चैनल्स पर दिखाये जाने वाले प्रोग्राम्स दर्शकों द्वारा नहीं देखे जाते जिससे चैनल असफलता की ओर चला जाता है जिससे उसे भारी नुकसान होता  है।

हाल ही में दूरदर्शन टीवी चैनल पर रामायण को दुबारा प्रसारित किया गया।  जिसकी TRP ने तोड़ दिए हैं पिछले सरे रिकॉर्ड। रामायण की TRP  के टक्कर में अभी कोई भी टीवी शो नहीं है। यहां तक कि साल 2015 से लेकर अब तक मनोरंजन के कैटगरी के मामले में यह बेस्ट सीरियल बन गया है| इस बात की जानकारी प्रसार भारती के CEO  शशि शेखर ने ट्वीट के माध्यम से दी है.

Conclusion / निष्कर्ष:

हमारी इस पोस्ट में TRP क्या है|  TRP Ka Full Form और TRP Rating से जुडी़ सभी जानकारियां को पढ़कर आपको पता लगा होगा कि आम जीवन में देखे जाने वाले टेलीविजन और टेलीविजन के चैनल व प्रोग्राम्स की लोकप्रियता का निर्धारण किस प्रकार होत होता है। अगर अभी भी आपके मन में TV TRP क्या है? या टीआरपी के विषय से जुडे़ सवाल Comment Box में सवाल लिखकर पूछ सकते है।

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